उन्होंने जीवन विज्ञान (पारिस्थितिकी और लोक जीवविज्ञान) में विद्यावाचस्पति की उपाधि और अनुसंधान पद्धति में स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त की है। वर्तमान में वे हैबिटेट इकोलॉजिकल रिसर्च एंड डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट, विसनगर, गुजरात की कार्यकारी निदेशक के रूप में कार्यरत हैं और संयुक्त राष्ट्र जैव विविधता सम्मलेन (UNCBD), युक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन रूपरेखा सम्मलेन (UNFCCC) तथा संयुक्त राष्ट्र मरुस्थल प्रसार प्रतिरोध सम्मलेन (UNCCD) में प्रतिनिधि, मध्य प्रदेश राज्य जैव विविधता बोर्ड की केंद्रीय समिति सदस्य और कई अन्य सरकारी और गैर-सरकारी संगठनों के सदस्य के रूप में भी जुड़ी हुई हैं। उन्हें क्षेत्रीय अनुसंधान, परियोजना विकास, मूल्यांकन, समन्वय और संपर्क का 19 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वे बच्चों और युवाओं के लिए वैज्ञानिक अनुसंधान और दस्तावेजीकरण के क्षेत्र में, वैज्ञानिक अनुसंधान, प्रशिक्षण और रिपोर्ट विकास के संबंध में सलाहकार, मूल्यांकनकर्ता और विशेषज्ञ (सन्दर्भ व्यक्ति) व्यक्ति के रूप में भी जुड़ी हुई हैं।