मानचित्र स्थानों, वस्तुओं, घटनाओं, गतिविधियों और उनकी जानकारी के स्थानिक वितरण को दर्शाने के लिए महत्वपूर्ण साधन हैं। हम जिस किसी का अन्वेषण / भ्रमण /दस्तावेज़ीकरण करना चाहते हैं, उसकी स्थानिक जानकारी का होने का यह लाभ है, कि उसका उपयोग करके हम अपना काम अधिक कुशलता से कर सकते हैं। मानचित्रों का सभी प्रकार की विधाओं में महत्व है, चाहे वह अनुसंधान एवं अध्ययन हो या रक्षा या सामाजिक सर्वेक्षण या व्यवसाय या राजनीति या ज्ञान की कोई भी शाखा हो। आधुनिक समय में जब आज हमारे पास डिजिटल तकनीक उपलब्ध है और सभी के लिए सुलभ है, यात्रा, परिवहन और किसी व्यक्ति या वस्तु का स्थान साझा करने में मानचित्रों का उपयोग भी बहुत आम हो गया है। डिजिटल यंत्र में मानचित्र हमारे हाथ में होने का सबसे अच्छा फायदा यह है कि, हमारे खो जाने या भटक जाने की संभावना कम हो जाती है।
पारिस्थितिक मानचित्रण या एक मानचित्रण तकनीक है जिसके द्वारा कोई भी व्यक्ति पृथ्वी पर जीवित प्राणियों, प्रजातियों या पारिस्थितिक तंत्रों या प्राकृतिक आवासों की स्थिति, उनकी विशेषताओं और कार्यों का निर्धारण उनकी स्थानिक और लौकिक विविधताओं के संदर्भ में कर सकता है। पारिस्थितिक मानचित्रण एक क्षेत्रीयकृत प्रक्रिया के आधार पर उपयुक्त समाधान प्रदान करता है, और पर्यावरण पर प्रभाव डालने वाली गतिविधियों की योजना बनाने के लिए पारिस्थितिकीय आधार प्रदान करता है। आजकल पारिस्थितिक मानचित्रण प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन में उपयोग की जाने वाली एक महत्वपूर्ण तकनीक है, प्राकृतिक घटनाओं की भविष्यवाणी में उपयोगी होने के अलावा पारिस्थितिक मानचित्रण प्राकृतिक संसाधनों की खोज और नीतिगत तंत्र सृजन में भी बेहद उपयोगी है।
एक आम आदमी दो उपयोगी उपकरणों और तकनीकों – ‘भू स्थैतिक प्रणाली’ और ‘गूगल अर्थ प्रो’ का उपयोग करके अपने क्षेत्र में पारिस्थितिक मानचित्रण कर सकता है।
(i) ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (जीपीएस)
भू स्थैतिक प्रणाली (जीपीएस) ने स्थिति निर्धारण अवधारणाओं में क्रांति ला दी है, हालांकि इसे मुख्य रूप से नौचालन तंत्र के रूप में बताया गया है, लेकिन इसमें भू-गणितीय, भू-भौतिकी, नौचालनीय, समुद्री, सैन्य और सामाजिक अनुप्रयोगों की विस्तृत श्रृंखला शामिल है। जीपीएस एक अंतरिक्ष-आधारित संकेतक नौचालन प्रणाली है। इसमें तीन भाग शामिल हैं - अंतरिक्ष खंड, नियंत्रण खंड और उपयोगकर्ता खंड। उपयोगकर्ता अपने उपकरण में नौचालन संकेत (अर्थात स्थान, गति और दिशा आदि) प्राप्त करता है और गतियां कर सकता है तथा स्थान/स्थिति और अन्य अवलोकन को दर्ज कर सकता है।
जीपीएस के अनुप्रयोग
स्थान: मूल स्थिति (अक्षांश, देशांतर और ऊंचाई) का निर्धारण।
नौचालन: एक स्थान से दूसरे स्थान तक दिशा प्राप्त करना।
मानचित्रण : मानचित्र बनाना।
समय : सटीक समय बताना।
अन्य अनुप्रयोग: कृषि में अनुप्रयोग, चलित मानचित्रण, पारिस्थितिक मानचित्रण, समुद्री अनुप्रयोग, सैन्य अनुप्रयोग, अंतरिक्ष अनुप्रयोग आदि।
जीपीएस उपकरण क्या है?
वैज्ञानिक और अन्य लोग महत्वपूर्ण राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय गतिविधियों में सटीक नौचालन के लिए हाथ में रखे जा सकने वाले ‘जीपीएस उपकरण’ नामक विशेष उपकरणों का उपयोग करते हैं। प्रौद्योगिकी में प्रगति ने जीपीएस अनुप्रयोगों को जनता के लिए सुलभ बना दिया है। आजकल, जीपीएस अनुप्रयोग मोबाइल उपकरणों पर भी उपलब्ध हैं, जिससे लोग संकेत ग्रहण करने वाले जीपीएस उपग्रह संकेत प्राप्तकर्ता यंत्र का उपयोग करके आसानी से अपना स्थान निर्धारित कर सकते हैं या विभिन्न उद्देश्यों के लिए नौचालन कर सकते हैं।

(ब) संचार तंत्र के साथ बिना सीधे संपर्क के काम आ सकने वाले एन्ड्रॉइड मोबाइल आधारित जीपीएस
(i i) गूगल अर्थ
‘गूगल अर्थ प्रो’ एक कंप्यूटर योजना है जो सैटेलाइट छवि का उपयोग करके पूरी दुनिया को त्रि-आयामी कंप्यूटर पटल पर प्रदर्शित करता है। उपयोगकर्ता उपग्रह छवियों, हवाई तस्वीरों और अन्य अतिरिक्त जानकारी जैसे सड़क, रेलवे, शहर, और भू-चिन्हों को पृथ्वी के त्रि-आयामी प्रतिरूप पर रखकर उनकी विभिन्न विशेषताओं को विभिन्न दृष्टिकोण से गूगल अर्थ पर देख सकते हैं। गूगल अर्थ, मेज पर रखे कम्प्यूटर और साथ में लेकर चलने वाले अन्य उपकरणों पर भी पहुंच योग्य है और मानचित्रण के उद्देश्यों को पूरा करता है।
हर जगह कहीं न कहीं है -
गूगल के भू-उपकरण केवल भूगोल के बारे में ही उपयोगी नहीं हैं। आप इनका उपयोग श्रीनगर से कन्याकुमारी तक के मार्गों का पता लगाने, एशिया में मार्को पोलो के यात्रा मार्ग के बारे में जानने, बार्सिलोना या दिल्ली की वास्तुकला का पता लगाने, अलास्का और हिमालय के ग्लेशियरों के गलन को मापने, या जंतुओं और पादपों के आवासों का विश्लेषण करने के लिए कर सकते हैं। भू-स्थानिक सोच ने हमारे आस-पास की दुनिया, और हम जलवायु परिवर्तन, वन्य जीवन और पर्यावरण की सुरक्षा जैसे मुद्दों की कैसे व्याख्या करें, के बारे में हमारी धारणाओं को बदल दिया है ।
गूगल अर्थ के अनुप्रयोग
स्थान: एक चयन पर (प्रदर्शित नक्शे में) स्थान ढूंढें (अक्षांश, देशांतर और स्थान का नाम; सामान स्थान की पहले की छवियाँ भी)
नौचालन: एक स्थान से दूसरे स्थान तक दिशा प्राप्त करना।
मानचित्रण: उच्च आवर्धन उपग्रह छवि की पृष्ठभूमि के साथ मानचित्र बनाएं।
अन्य अनुप्रयोग: गमन पथ को अंकित करें और सहेजें, स्थान और उनकी विशेषताओं, भूमि उपयोग और भूमि आवरण मानचित्रण (विभिन्न भूमि विशेषताएं जैसे जंगल, कृषि, जल निकाय, नदी, ऊंचाई, जल निकासी, मानव बस्तियां, शहर, सड़क आदि) को चिह्नित करें और सहेजें।
‘जीपीएस’ और ‘गूगल अर्थ प्रो’ दोनों अनुप्रयोग पारिस्थितिकी मानचित्रण के लिए उपयोगकर्ता-अनुकूल तकनीक हैं जिनका उपयोग सामान्य व्यक्तियों द्वारा किया जा सकता है और वे विविध उद्देश्यों के लिए विशिष्ट स्थानों और विशिष्ट समय पर विभिन्न अंकीय अभिलेख (डिजिटल रिकॉर्ड) इनकी सहायता से बना सकते हैं।
इस अभ्यास में हम जानेंगे और समझेंगे कि किस प्रकार हम पृथ्वी पर भौगोलिक स्थिति को अंकित कर सकते हैं और सहेज सकते हैं।
एन्ड्रॉयड मोबाइल आधारित जीपीएस का उपयोग कैसे करें?
1. गूगल प्ले स्टोर से जीपीएस एन्ड्रॉयड मोबाइल अनुप्रयोग डाउनलोड करें और इस अनुप्रयोग को इंस्टॉल करें।
2. मोबाइल में स्थान को खोलें, फिर इंस्टॉल किये गए जीपीएस अनुप्रयोग को खोलें। उदाहरण के लिए चित्र में देखें -
गूगल अर्थ का उपयोग कैसे करें?
https://www.google.com/intl/en_in/earth/versions/#download-pro
आप अपने स्थान संबंधित आंकड़ों को स्थान के नाम, विवरण, दर्ज किए गए अक्षांश और देशान्तर और अन्य विशेषताओं के साथ प्रस्तुत कर सकते हैं। इसी तरह आप किसी भी उद्देश्य के लिए स्थान संबंधित आँकड़े प्रस्तुत कर सकते हैं। इसके साथ ही आप गूगल अर्थ अनुप्रयोग का उपयोग करके मानचित्रों पर अपनी स्थान संबंधित जानकारी दर्शा सकते हैं। स्थान संबंधित आँकड़े और मानचित्र चित्रण दोनों को अन्य प्राथमिक या द्वितीयक आंकड़ों और/या अन्य जानकारी के साथ जोड़ा जा सकता है।
स्थान संबंधित आँकड़े और मानचित्र चित्रण का उपयोग पानी, मिट्टी, जैव विविधता और किसी भी इकाइयों और उनकी विशेषताओं के मापदंडों के दस्तावेजीकरण और विश्लेषण में किया जा सकता है।
हम कहाँ हैं: पारिस्थितिकी मानचित्रण के लिए एक अभ्यास
मानचित्रण के दो चरण हैं -
I. क्षेत्रीय स्थानिक और सामयिक आंकड़ों/जानकारी का संग्रह,
II. गूगल अर्थ के माध्यम से मानचित्रण
I. क्षेत्रीय स्थानिक और सामयिक आंकड़ों/जानकारी का संग्रह: नीचे दिए गए चरणों का पालन करें
i. अनुप्रयोग पर प्रदर्शित भौगोलिक जानकारी (जैसे अक्षांश, देशांतर, समय, ऊंचाई आदि) प्राप्त करने के लिए एन्ड्रॉयड मोबाइल का जीपीएस अनुप्रयोग खोलें (इंटरनेट संपर्क उपलब्ध होना आवश्यक है)।
ii. एन्ड्रॉयड मोबाइल में 'स्थान' सेवा खोलें।
iii. उस स्थान पर जाएँ जिसका आप मानचित्र बनाना चाहते हैं।
iv. अनुप्रयोग में दिखाई देने वाली विभिन्न भौगोलिक विशेषताओं को पहचानें।
v. फिर, अपने चयनित अध्ययन क्षेत्र के संबंधित स्थानों को दर्ज करना शुरू करें और आंकड़ा प्रपत्र में लिखें। यहां आंकड़ा प्रपत्र का उदाहरण दिया गया है, आप जरूरत के हिसाब से अपना आंकड़ा प्रारूप तैयार कर सकते हैं
II. गूगल अर्थ के माध्यम से मानचित्रण: गूगल अर्थ पर मानचित्रण के लिए नीचे दिए गए चरणों का पालन करें -
i. मेज पर रखे कम्प्यूटर पर गूगल अर्थ खोलें,
Ii. गूगल अर्थ अनुप्रयोग में दिखाई देने वाली विभिन्न भौगोलिक विशेषताओं को पहचानें,
iii. गूगल अर्थ के ‘खोजें’ सेवा में स्थान का नाम या अक्षांश और देशांतर अंकित करें जिसे आपने आंकड़ा प्रपत्र में दर्ज कर रखा है।
iv. स्थान, सीमा, मार्ग, क्षेत्र, अतिरिक्त बिंदु इत्यादि को चिह्नित करने के लिए गूगल अर्थ मानचित्र पर संपादन प्रारंभ करें और इच्छानुसार चित्र बनाने और सहेजने के लिए अन्य विकल्प का उपयोग करें।