विषय-वस्तु

    जैवविविधता



  • जैविक विविधता (संक्षेप में जैवविविधता) वह शब्द है जिसका उपयोग पृथ्वी पर जीवन रूपों के प्रकार और संयोजन का वर्णन करने के लिए किया जाता है। अतिसूक्ष्म जीवों से लेकर बहुकोशिकीय छोटे जीव, अकशेरुकी से लेकर कशेरुकी जीव और एककोशिकीय प्रकाश संश्लेषक जीव से लेकर बहुकोशिकीय शैवाल एवं उच्च जलीय और स्थलीय पौधों तक के जीवन रूप मौजूद हैं। कुल मिलाकर जैव विविधता में सभी प्रकार के जीवन रूप शामिल हैं जो मोटे तौर पर पादप और जंतुओं में विभेदित हैं, साथ ही वे जिनमें पादप और जंतुओं दोनों की विशेषताएं हैं और वे भी जिनमें पादप और जंतुओं के अलावा भिन्न विशेषताएं हैं। 

    प्रारंभिक प्रीकैम्ब्रियन युग से लेकर आज तक 3.5 अरब वर्ष से अधिक की समयावधि में पृथ्वी पर विभिन्न जीवन रूपों का विकास हुआ है। आज हम जो प्रजातियाँ देखते हैं वे अपने पूर्वजों से विकसित हुई हैं और पृथ्वी पर वर्तमान पर्यावरणीय परिस्थितियों के लिए अनुकूलित हैं। मनुष्य भी पृथ्वी की जैव विविधता का एक अभिन्न अंग हैं। ऐसा माना जाता है कि पृथ्वी पर 10 करोड़ तक जीवन रूप हो सकते हैं; जबकि सांख्यिकीय अनुमानों से यह माना जाता है कि पृथ्वी पर लगभग 1.3 करोड़ प्रजातियाँ हैं; लेकिन असल में हम आज तक पृथ्वी पर लगभग 17.5 लाख प्रजातियों की ही पहचान कर पाए हैं।

    जैव विविधता में पादप, जंतुओं, सूक्ष्मजीवों के विभिन्न रूप शामिल हैं लेकिन इसका वास्तविक दायरा बहुत व्यापक है। जीवन के विभिन्न रूपों में आनुवंशिक स्तर पर भी भारी विविधता होती है, अर्थात विभिन्न प्रजातियों के भीतर भी आनुवंशिक भिन्नताएँ होती हैं और प्रजातियों के भीतर ये आनुवंशिक अंतर आगे चलकर जैव विविधता की व्यापकता को और बढ़ाते हैं।

    आनुवंशिक विविधताओं के अलावा जैव विविधता का एक अन्य पहलू पारिस्थितिक तंत्र की विविधता है जिनमें विभिन्न जीवन रूप रहते हैं। पृथ्वी के विभिन्न हिस्सों में भौगोलिक और जलवायु संबंधी विविधताएँ हैं जिन्हें हम जंगलों, आर्द्रभूमियों, पहाड़ों, रेगिस्तानों और कई प्रकार के पारिस्थितिक तंत्रों में वर्गीकृत करते हैं। प्रत्येक पारिस्थितिकी तंत्र में विभिन्न प्रजातियों का पाया जाना और वितरण भिन्न भिन्न होता है जहां वे एक-दूसरे के साथ और अपने आसपास की स्थानीय हवा, पानी, मिट्टी, मौसम की स्थिति, भौतिक रूपों, रसायनों और गैसों के साथ अंतर क्रियाएँ करते हैं।

    जैव विविधता जीवन के विभिन्न रूपों का, एक दूसरे के साथ उनकी अंतःक्रिया, पर्यावरणीय परिस्थितियों के साथ उनकी अंतःक्रिया और उनकी अपनी उद्विकास प्रक्रिया का संयोजन है। जैव विविधता हमारे लिए पारिस्थितिकी तंत्र सेवाओं का एक प्रमुख स्रोत है जो हमारे जीवन को बनाए रखने में मदद करती है। जैव विविधता संसाधन वे स्तंभ हैं जिन पर मानव ने अपनी सभ्यता का निर्माण किया है।

    इस विषय के अंतर्गत विन्भिन्न उप-विषयों के अंतर्गत विभिन्न गतिविधियों का वर्णन किया गया है जो हमें जैव विविधता की विशेषताओं और कार्यों, विभिन्न पारिस्थितिक तंत्रों में विभिन्न जीवन रूपों तथा उनके कार्यों, उनकी पारिस्थितिक विशेषताओं और महत्व को समझने में मदद करेंगी - 

    • जलीय तल के जीव 
    • मछली विविधता - मछलियों में विभिन्न प्रकार के पुच्छ पंख
    • मछली विविधता – मछलियों में विभिन्न प्रकार के शल्क 
    • जलजीवशाला - जलीय पारिस्थितिकी तंत्र की एक प्रतिकृति
    • बाहर से पानी के अंदर देखना 
    • थलजीवशाला (टेरेरियम) - छोटे प्राणियों के लिए एक सुरक्षित घर 
    • कृमिघर (वर्मीकैरियम) - मिट्टी के कृमियों का घर 
    • चींटी घर (फॉर्मिकेरियम) - चींटियों का घर
    • तितलियों की विविधता 
    • छोटे कीटों का नमूना लेना 
    • पक्षियों के घर 
    • पैरों के निशान / पदचिन्ह  
    • पेड़ की ऊंचाई 
    • वृक्ष मुकुट और छत्र आवरण 

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