प्रयोग विवरण

उप विषय :- जलीय तल के जीव

आइए जलीय तल के जीवों (बेन्थोस) की विविधता का पता लगाएं


इस गतिविधि के बारे में


नितलस्थ जीव (बेन्थोस) जलीय पर्यावरण के तलिय क्षेत्र में रहते हैं। जलीय पर्यावरण में स्थिर या बहता हुआ, ताजा पानी या समुद्री पानी, तालाब, झील, जलधारा, नदी, सागर, दलदल आदि शामिल हैं। बेन्थोस विभिन्न जीवन रूपों में पाए जाते हैं जिन्हें उनके तालिय क्षेत्र में वितरण के अनुसार मोटे तौर पर तीन प्रकारों में वर्गीकृत किया जाता है यथा, ऊपरनितलीय (हाइपरबेन्थोस – तल के ऊपर रेंगते या तैरते हुए), अधिनितलीय (एपिबेन्थोस - एक स्थान पर स्थिर / गतिहीन), और अन्तःनितलीय (ऐन्डोबेन्थोस - तल की मिट्टी में बिल या सुरंग बनाकर रहने वाले)। बेन्थिक जीवों में पौधों की प्रजातियां (फाइटोबेन्थोस) जंतु प्रजातियाँ (जूबेन्थोस) और सूक्ष्मजीवी रूप  भी शामिल हैं। 

                                                                     

 

बेन्थोस महत्वपूर्ण क्यों हैं? - बेन्थोस जलीय पारिस्थितिक तंत्र के बहुत महत्वपूर्ण घटक हैं जो खाद्य श्रृंखला और खाद्य जाल, जैव-भू-रासायनिक चक्र, पोषण   संरचनाएं, ऊर्जा प्रवाह और अन्य पारिस्थितिकी तंत्र कार्यों में महत्वपूर्ण हिस्सा बनाते हैं। गहरे तलिय क्षेत्रों में रहने वाले बेन्थिक जीव नीचे तक डूबे मृत कार्बनिक पदार्थों को खाते हैं और इस प्रकार पोषक तत्वों के पुनर्चक्रण और जलीय पर्यावरण को स्वच्छ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

जैवसंकेतक के रूप में बेन्थोस -  बेन्थोस अपनी उपस्थिति या अनुपस्थिति के माध्यम से जलीय पर्यावरण के स्वास्थ्य के जैवसंकेतक के रूप में भी कार्य करते हैं और जलीय आवास की स्वच्छता/प्रदूषण का संकेत देते हैं।

  यहां इस गतिविधि में हम वर्णन कर रहे हैं कि कैसे हम विभिन्न प्रकार के बेंथोस को एकत्र करके जांच कर सकते हैं और अपने जल निकायों में उनकी विविधता को समझ सकते हैं।

                                                                            

                                                                            

 

                                    

 

आवश्यक सामग्री


● गाद एकत्रक (खुरपी या फावड़ा),

● छलनी (2.0 मिमी और 0.5 मिमी छिद्र आकार),

● बाल्टी,

● आवर्धक कांच,

● संग्रह की बोतलें,

● चिमटी

● 70% अल्कोहल (परिरक्षक)

तरीका


  1. किसी जल निकाय के नितलिय क्षेत्र में एक जगह को मापकर चिन्हित करें और गाद एकत्रक की सहायता से उसमें से तलछट का नमूना एकत्र करें।
  2. नमूने को एक बाल्टी में लें, उसकी मात्रा दर्ज करें और उसमें पानी डालें।
  3. नमूने को 2 मिमी और 0.5 मिमी छिद्र आकार की छलनियों से क्रमशः एक के बाद एक छान लें।
  4. चिमटी की सहायता से छलनियों से सूक्ष्म और स्थूल अकशेरुकियों को इकट्ठा करें और उन्हें 70% अल्कोहल भरी एक चौड़े मुंह वाली बोतल में स्थानांतरित करें।
  5. छलनी में रखे अवशिष्ट कार्बनिक पदार्थ को प्रयोगशाला में ले जाएं और इसमें 50 - 100 मिलीलीटर पानी मिलाएं।
  6. इसमें 5 ग्राम सुक्रोज घोलें (सुक्रोज माध्यम के घनत्व में परिवर्तन करके नितलीय जीवों को पानी पर तैरने में मदद करता है, जिससे उन्हें आगे की प्रक्रिया के लिए एकत्र करना आसान हो जाता है)
  7. संरक्षित करने के लिए जीवों को 70% अल्कोहल में स्थिर करें।
  8. प्रजातियों की पहचान करें और प्रजातियों के अनुसार जीवों की संख्या, उनकी कुल संख्या का अनुमान लगाएं और मात्रात्मक और गुणात्मक विश्लेषण के आधार पर निष्कर्ष लगाएं।

डेटा संग्रह और विश्लेषण


आप विभिन्न जल निकायों से एकत्र किए गए बेंथिक जीवों, उनकी पहचान, नमूने में संख्या, संबंधित जल निकाय से एकत्र किए गए बेंथिक जीवों की कुल संख्या आदि का रिकॉर्ड बना सकते हैं।

आंकड़ा तालिका का एक उदाहरण यहां दिया गया है; आप आवश्यकतानुसार अपनी स्वयं की आंकड़ा तालिका तैयार कर सकते हैं।

गुणात्मक और मात्रात्मक विश्लेषण:

- कुंजियों और लेखों की मदद से जीवों की पहचान करें।

- नमूने में प्रजाति के अनुसार उनकी संख्या गिनें और दर्ज कर लें.

- प्रति इकाई तलछट क्षेत्र में प्रजाति-वार और कुल बेन्थोस के लिए जीवों की    संख्या की गणना करें।

प्रति इकाई क्षेत्रफल में एक प्रजाति के जीवों की संख्या =   नमूने से गिने गए जीवों  की कुल  संख्या  / तलछट नमूना एकत्रीकरण क्षेत्रफल

प्रति इकाई क्षेत्रफल में बेन्थोस  =   नमूने में से गिने गए बेन्थोस की कुल संख्या /  तलछट नमूना एकत्रीकरण क्षेत्रफल                           

 

परिणाम


● नमूने में से पहचानी गई बेन्थोस की प्रजातियों और उनकी प्रत्येक की जनसंख्याओं  तथा उनकी कुल संख्या के संबंध में अपने परिणाम प्रस्तुत करें।

● आप गणितीय और सांख्यिकीय गणना के माध्यम से अपने परिणाम गुणात्मक और परिमाणात्मक रूप से प्रस्तुत कर सकते हैं

● आप स्थानिक और सामयिक विविधताओं और आवास विशेषताओं के संदर्भ में भी आंकड़ों का विश्लेषण कर सकते हैं।

सीखे गए मुख्य बिंदु


● जलीय निकायों का तल भी विभिन्न जीवन रूपों को आवास प्रदान करता है जिन्हें 'बेन्थोस' (अर्थात् तल में रहने वाले जीव) कहा जाता है।

● बेन्थिक जीवों में पादप, जंतु और सूक्ष्मजीव प्रजातियां सम्मिलित हैं।

● बेन्थोस का जल निकाय के निचले भाग में प्रजाति-वार वितरण का एक तरीका होता है (हाइपरबेन्थोस, एपिबेन्थोस, एंडोबेन्थोस)। 

● बेन्थोस जल निकाय के स्वास्थ्य का एक महत्वपूर्ण पारिस्थितिकीय संकेतक हैं।

खुले प्रश्नन्लेषण


● क्या नितलीय जीव श्वसन करते हैं? उन्हें आवश्यक गैसें कैसे मिलती हैं?

● समुद्र में जब हमारे लिए एक सीमा से अधिक नीचे जाने पर जल स्तंभ के अत्यधिक भारी दबाव के कारण जाना बहुत कठिन होता है, तो गहरे समुद्र क्षेत्र में नितलीय जीव अपने ऊपर जल स्तंभ के भारी दबाव को कैसे सहन कर पाते हैं?

रोचक तथ्य


 जलीय पारिस्थितिकी तंत्र की कार्य पद्धति समझने के लिए बेन्थोस (या बेन्थिक जीव) का अध्ययन और उन्हें समझना बहुत महत्वपूर्ण है। अक्सर ये जीव बड़ी संख्या में और जैविक विविधता के साथ पाए जाते हैं, जिससे हमें ज्ञात होता है कि वे जलीय पारिस्थितिकी तंत्र में ऊर्जा (भोजन) प्रवाह में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।