प्रयोग विवरण

विषय :- मिट्टी

'छिद्र आयतन' द्वारा मिट्टी की सरंध्रता का निर्धारण


इस गतिविधि के बारे में


मिट्टी की सरंध्रता मिट्टी की विभिन्न भौतिक-रासायनिक और जैविक विशेषताओं को प्रभावित करती है, जैसे जल निकासी, जल धारण क्षमता, गैसीय आदान-प्रदान, मिट्टी के जीवों का सूक्ष्म आवास, पौधों की जड़ों का प्रवेश और विकास आदि। सबसे महत्वपूर्ण यह कि सरंध्रता 'केशिका जल', जो प्राथमिक तौर पर पौधों की जड़ों को उपलब्ध होता है, की उपलब्धता का निर्धारक है। सरंध्रता स्वयं मिट्टी की अन्य विशेषताओं जैसे संरचना, बनावट, जैविक कार्बन आदि के संयोजन से निर्धारित होती है।

मिट्टी की सरंध्रता को छिद्र की मात्रा यानी मिट्टी के कणों के बीच उपलब्ध स्थान की मात्रा का अनुमान लगाकर निर्धारित किया जा सकता है, और इसे मिट्टी सामग्री की कुल मात्रा के प्रतिशत के रूप में व्यक्त किया जाता है। उन क्षेत्रों में मिट्टी की सरंध्रता एक महत्वपूर्ण कारक है जहां पीने के पानी का स्रोत भूजल है और जमीन में जल निकासी की समस्या है।

 

आवश्यक सामग्री


● 250 मिलीलीटर आयतन के कांच के बीकर,

● 100 मिलीलीटर आयतन का मापक सिलेंडर (वैकल्पिक रूप से आप ज्ञात आयतन का कोई   भी चौड़े मुंह वाला बर्तन और ज्ञात आयतन का कोई अन्य अंशांकित बर्तन ले सकते हैं)

 

तरीका


  1. एकत्रित मिट्टी के नमूने से बीकर को एक निश्चित आयतन तक भरें (उदाहरण के लिए हम 200 मिलीलीटर मात्रा तक तक भरते हैं), बीकर को थोड़ा थोड़ा हल्की थपकी देते हुए भरते जायें ताकि मिट्टी का नमूना चिन्हित मात्रा तक ठीक से भर जाए। 
  2. मापने वाला सिलेंडर लें और उसमें 100 मिलीलीटर पानी भरें।
  3. अब मापने वाले सिलेंडर से पानी को धीरे-धीरे और सावधानी से उस बीकर में डालें जिसमें मिट्टी का नमूना भरा है, पानी को धीरे-धीरे तब तक डालते रहें जब तक कि वह भरी हुई मिट्टी के शीर्ष स्तर तक न पहुंच जाए।
  4. पानी धीरे-धीरे डालें ताकि बीकर से बाहर न गिरे। रिकॉर्ड करें कि कितना पानी इस्तेमाल किया गया।
  5. यदि पानी का स्तर भरी हुई मिट्टी के स्तर से नीचे चला जाता है तो उसे उसी स्तर पर लाने के लिए और पानी डालें।
  6. अंत में मिट्टी को उसकी ऊपरी सतह तक भरने (संतृप्त करने) के लिए उपयोग किए गए पानी की मात्रा को रिकॉर्ड करें।
  7. प्रत्येक मिट्टी के नमूने के लिए उपरोक्त प्रक्रिया का पालन करें जिसकी सरंध्रता निर्धारित की जानी है।

 

डेटा संग्रह और विश्लेषण


● मिट्टी के विभिन्न नमूनों को संतृप्त करने में प्रयुक्त पानी की मात्रा को आंकड़ा तालिका में रिकॉर्ड करें।

● मिट्टी के नमूनों की प्रतिशत सरंध्रता की गणना करने के लिए निम्नलिखित सूत्र का उपयोग करें-

● आंकड़ा तालिका का एक नमूना और आंकड़ों की प्रविष्टि का उदाहरण यहां दिखाया गया है, आप अवलोकनों को रिकॉर्ड करने के लिए अपना स्वयं का आंकड़ा प्रपत्र तैयार कर सकते हैं 

परिणाम


संकलित आंकड़ों के आधार पर मिट्टी के विभिन्न नमूनों की सरंध्रता और अन्य मात्रात्मक और गुणात्मक व्याख्याओं के संबंध में अपने परिणाम प्राप्त करें। 

 

सीखे गए मुख्य बिंदु


● विभिन्न प्रकार की मिट्टियों में उनके कणों के बीच अलग-अलग छिद्र होते हैं और तदनुसार उनमें पानी को धारण करने की क्षमता होती है।

● पानी का भूमिगत रिसाव और पुनर्भरण मिट्टी की सरंध्रता से प्रभावित होता है।

 

खुले प्रश्नन्लेषण


● वांछित सरंध्रता वाली मिट्टी बनाने के लिए अलग-अलग तरह की मिट्टियों को एक साथ मिलाकर एक मिश्रण बनाएं और जांचें कि क्या यह पानी और हवा को बेहतर बनाए रखने में मदद करती है और पौधों को बेहतर बढ़ने में मदद करती है?