मृदा संस्तर मिट्टी की विभिन्न परतों की ऊर्ध्वाधर उपस्थिति है जिनकी भौतिक, रासायनिक, जैविक विशेषताएं परस्पर ऊपर और नीचे की परत से भिन्न होती हैं। हम पृथ्वी को ऊर्ध्वाधर रूप से खोदकर और भू-सतह के समानांतर नीचे बनी मिट्टी की विभिन्न परतों की जांच करके मिट्टी के संस्तर और उनकी विशिष्टताओं की जांच कर सकते हैं।
अधिकांशतः मिट्टी में तीन प्रमुख संस्तर (ए, बी, सी) होते हैं और कुछ में शीर्ष पर एक कार्बनिक संस्तर (ओ) होता है।
ओ (ह्यूमस या कार्बनिक) संस्तर
ज्यादातर कार्बनिक पदार्थों जैसे कि सड़ने वाली पत्तियों से बना होता है। O संस्तर कुछ मिट्टी में पतला होता है, कुछ में मोटा होता है, और कुछ में बिल्कुल मौजूद नहीं होता है।
ए (ऊपरी मिट्टी) संस्तर
कार्बनिक पदार्थों के समावेश के साथ खनिजों से समृद्ध होता है। पौधों और अन्य जीवों के रहने के लिए ‘ए’ संस्तर महत्वपूर्ण है और आमतौर पर इसकी गहराई 8 से 10 इंच होती है।
बी (उप-मृदा) संस्तर
यह खनिजों के संगठन से बना होता है जो ए संस्तर से निक्षालित (नीचे की ओर) होते हैं और यहां जमा होते हैं।
सी (मूल पदार्थ) संस्तर
अकार्बनिक सामग्री से बना है जो आधार चट्टान से आती है।
आर (आधार चट्टान) संस्तर
यह संस्तर ग्रेनाइट, बेसाल्ट, क्वार्टजाइट, चूना पत्थर या बलुआ पत्थर जैसी चट्टानों का जमाव है जो अपक्षय के माध्यम से मूल पदार्थ बनाता है।
हम यह समझने के लिए विभिन्न संस्तरों की मिट्टी की बनावट और संरचना की भी जांच कर सकते हैं कि उनकी संरचना और संबंधित गहराई स्थान-दर-स्थान भिन्न होती है तथा उनकी भौतिक-रासायनिक विशेषताएं भी तदनुसार भिन्न होती हैं। संस्तरों का निर्माण और उनकी विशेषताएँ उनके क्षेत्र की पर्यावरणीय और पारिस्थितिक स्थितियों को भी प्रतिबिंबित करती हैं।
● कुदाल या फावड़ा,
● लेखन पुस्तिका,
● रंगीन पेन या पेंसिल,
● ज़िप-लॉक वाला मिट्टी नमूना एकत्रीकरण बैग,
● मापने वाला फीता,
● आवर्धक लेंस।
# आप मिट्टी के संस्तर का उस स्थान पर भी निरीक्षण कर सकते हैं जहां कुछ खुदाई चल रही है।
अपनी लेखन पुस्तिका में, स्थान की उन विशेषताओं का वर्णन करें, जो मिट्टी की रूपरेखा को प्रभावित कर सकती हैं। इसमें निम्नलिखित विशेषताएं शामिल हैं:- वनस्पति के प्रकार (आवरण प्रतिशत और ऊंचाई), भू-उपयोग (शहरी, कृषि, मनोरंजन, जंगल, आदि), इमारतें या अन्य कृत्रिम निर्माण, आसपास की भू-आकृतियां और जलाशय, स्थान की अनुमानित ढलान और धूप और छाया की स्थितियां।
प्रत्येक संस्तर की मिट्टी की नमी, रंग, गंध, बनावट और संरचना का निर्धारण करने के लिए आप गड्ढे की जगह पर ही जाँच क्र सकते हैं या प्रत्येक संस्तर से मिट्टी इकट्ठा करके परीक्षण स्थल पर लाकर जांच कर सकते हैं, या आप दोनों तरह से जाँच कर सकते हैं। अपनी पुस्तिका में प्रत्येक संस्तर के लिए इन विशेषताओं का वर्णन करें |
● नमी – अपनी उंगलियों के बीच कुछ मिट्टी लें और जांचें कि क्या यह सूखी है (नमी महसूस नहीं हो रही है), नम है (नमी महसूस हो रही है), या गीली है (संतृप्त महसूस हो रही है)|
● रंग और गंध - यदि एकत्रित मिट्टी सूखी है, तो आपको रंग और गंध को बेहतर ढंग से देखने के लिए उस पर थोड़ा पानी छिड़क कर उसे गीला करना होगा। आप मिट्टी के रंगों के बारे में हमारी गतिविधि ‘मिट्टी के रंग’ के माध्यम से और अधिक जान सकते हैं।
● संरचना - आवर्धक लेन्स की सहायता से प्रत्येक परत में मिट्टी की सामान्य संरचना, स्थिरता, चट्टान की उपस्थिति या अनुपस्थिति, पौधों की जड़ों और देखे गए जानवर आदि की जांच करें।
● केल्सियम युक्तता - मिट्टी पर नींबू के रस या तनु अम्ल की कुछ बूंदें डालें और शून्य, निम्न, मध्यम या उच्च के संदर्भ में बुदबुदाहट को देखें। शून्य बुदबुदाहट का मतलब है कि मिट्टी में चूना नहीं है और जबकि बुदबुदाहट का उत्पन्न होना चूने की उपस्थिति को इंगित करता है
सावधानियां - यदि मिट्टी के संस्तर की जांच के लिए मिट्टी का गड्ढा खोदा गया है तो उस जगह से जाने से पहले गड्ढे को फिर से भरें। ध्यान रखें कि आप वहां पर कोई उपकरण न भूलें।
● अपने परिणामों को संख्यात्मक आंकड़ों के साथ-साथ गुणात्मक विशेषताओं के रूप में प्रस्तुत करें। गणितीय और/या सांख्यिकीय गणनाओं के माध्यम से विभिन्न व्याख्याएँ की जा सकती हैं।
● अध्ययन किए गए मिट्टी के संस्तर के छायाचित्र साक्ष्य, रेखाचित्र और चित्र बाद में संदर्भ के लिए उपयोगी होंगे।
यह गतिविधि तथ्यों को खोजने और उनकी व्याख्या करने में मदद करती है जैसे -
● मृदा रूपरेखा हमें क्या बताती है?
● मिट्टी के प्रकार का मिट्टी की नमी की मात्रा पर क्या प्रभाव पड़ता है?
● मृदा रूपरेखा का अवलोकन करके आप नव निर्मित मिट्टी और अच्छी तरह से विकसित मिट्टी को समझने में सक्षम होंगे।
● अपने क्षेत्र में विभिन्न प्रकार की मिट्टी के बारे में अन्वेषण करें और शुष्क क्षेत्र, जंगल, घास के मैदान, कृषि क्षेत्र आदि के मिट्टी के संस्तरों के बीच अंतर खोजें।
● विभिन्न संस्तरों की मिट्टी के नमूने एकत्र करके उन्हें एक ही क्रम और आनुपातिक गहराई में एक कांच के पात्र में रखकर मिट्टी के संस्तर की प्रतिकृति बनाएं। मृदा संस्तर प्रतिकृतियों के उदाहरण यहां दिए गए हैं।