प्रयोग विवरण

उप विषय :- वर्षा मापन

वर्षा मापी यंत्र से वर्षा मापन


इस गतिविधि के बारे में


प्राकृतिक जल चक्र में वर्षा एक महत्वपूर्ण घटना है। किसी क्षेत्र की मौसम की स्थिति को जानने और उसकी व्याख्या करने के लिए यह एक महत्वपूर्ण मापदंड है। औसत वार्षिक वर्षा, मौसमी वर्षा, मासिक वर्षा, अलग-अलग वर्षा के क्षेत्र आदि जैसे विभिन्न पैमानों पर वर्षा के बारे में जानकर यह समझा जा सकता है कि संबंधित क्षेत्र में किस प्रकार की वनस्पति, किस प्रकार के भूपरिदृश्य और किस प्रकार की स्थानीय मौसम की स्थिति होगी। कृषि आकस्मिक योजनाएँ, वनीकरण योजनाएँ, घास के मैदान और चारागाह विकास योजनाएँ, जलग्रहण क्षेत्र प्रबंधन योजनाएँ, आर्द्रभूमि संरक्षण योजनाएँ, मत्स्य पालन विकास योजनाएँ आदि तैयार करने में वर्षा एक महत्वपूर्ण मापदंड है। आम आदमी के स्तर पर वर्षा मौसम का एक महत्वपूर्ण मानक है जिसके द्वारा कोई व्यक्ति फसल, आवास और जल आपूर्ति की जरूरत संबंधित योजना बनाता है। 

किसी क्षेत्र के मौसम और जलवायु को समझने के लिए वर्षा एक अनिवार्य मापदंड है और वर्षा की निगरानी के लिए सबसे सरल उपकरण वर्षा मापी है। वर्षा मापी में एक बेलनाकार पात्र, एक कीप और एक अंशांकित मापक बेलन होता है। बेलनाकार पात्र को एक सपाट सतह पर रखा जाता है और इसमें मापक बेलन रखा जाता है और पात्र के ऊपर कीप इस प्रकार लगाई जाती है कि इसका नालिकाकर सिरा मापक बेलन में लटका रहे। कीप एकत्रक का काम करता है और इसके क्षेत्र ऊपर गिरने वाले वर्षा जल को एकत्रित करता है, और एकत्रित वर्षा जल मापक बेलन में संग्रहित किया जाता है। बाद में एकत्रित वर्षा जल को ऊँचाई (मिलीमीटर) में नापा जाता है।

वर्षा की माप लेने के लिए विश्व भर में वर्षा मापी का एक मानकीकृत प्रारूप उपयोग किया जाता है, और उसके अनुसार 203 मि.मी. (20.3 से.मी. या 8 इंच) व्यास के कीप  का उपयोग किया जाता है। लेकिन यदि आप अन्य व्यास के कीप का उपयोग कर रहे हैं तो आपको इसे तदनुसार अंश-शोधन करना होगा। आम तौर पर 1 मि.मी. वर्षा (मापक बेलन में एकत्रित) प्रति वर्ग मीटर क्षेत्र में 1 लीटर वर्षा जल की मात्रा के बराबर होती है। कोई भी व्यक्ति स्थानीय उपलब्ध सामग्री से आसानी से वर्षा मापी यंत्र बना सकता है। 

वर्षा की मात्रा मिलीमीटर (मि.मी.) में व्यक्त की जाती है और गणना के लिए आम तौर पर इसे 24 घंटों के लिए मापा जाता है। किसी क्षेत्र की औसत वार्षिक वर्षा (अर्थात् एक वर्ष में कुल वर्षा) से किसी निर्मित क्षेत्र या खुले क्षेत्र के संदर्भ में वर्षा जल संग्रहण की क्षमता का अनुमान लगाया जा सकता है।

वर्षा मापी यंत्र ऐसे किसी भी स्थान पर स्थापित किया जा सकता है जिसके चारों ओर कम से कम 5 से 10 मीटर व्यास का क्षेत्र खुला हो। जितनी खुली जगह हो उतना अच्छा है.

 

 

आवश्यक सामग्री


  • वर्षा मापी यंत्र (बेलनाकार पात्र, कीप, मापक अंशांकित बेलन), 
  • लेखन पुस्तिका, 
  • कलम/पेंसिल

तरीका


  1. बेलनाकार पात्र को सुखाकर किसी खुली जगह पर समतल सतह पर रख दें।
  2. बेलनाकार पात्र के ऊपर कीप लगाएं,
  3. 24 घंटे वर्षा जल संग्रह के लिए सेट अप छोड़ दें,
  4. 24 घंटे के बाद, कीप को बाहर निकालें और पात्र में एकत्र पानी को सावधानीपूर्वक मापक बेलन में डालें।
  5. मापक बेलन में देखे गए जल स्तर का प्रेक्षण दर्ज करें,
  6. मापन अवधि के लिए मि.मी. में वर्षा की गणना करें,
  7. बेलनाकार पात्र को सुखाएं और अगले 24 घंटों के लिए वर्षाजल संग्रह के लिए रखें।

डेटा संग्रह और विश्लेषण


  • यदि आपने अलग-अलग व्यास का कीप (संग्राहक) लेकर स्थानीय वर्षा मापी बनाया है तो आपको इसे निम्नानुसार अंश-शोधन करना होगा – 
  • आपके कीप (संग्राहक) के मुंह का व्यास = ‘r’ से.मी.
  • आपके कीप (संग्राहक) के मुंह का क्षेत्रफल () = π r2 यानि 3.14 X r2
  • मानक वर्षा मापी के संग्राहक {जिसके कीप का व्यास 203 मि.मी. (या 20.3 से.मी.) या त्रिज्या 10.15 से.मी. है} का क्षेत्रफल () =  π r2 यानि (3.14 X 10.15 X 10.15) = 323.65 वर्ग से.मी
  • अतः आपके वर्षा मापी के लिए गुणक ()  =  ख/क 
  • आपके वर्षा मापी में एकत्र वर्षा जल  की मात्रा की गणना करें – मापक बेलन में मापा गया जल X (मि.मी.)   
  • मान लीजिए कि आपके वर्षा मापी में कीप का व्यास 123 मिमी है जो 119 वर्ग सेमी के क्षेत्रफल से मेल खाता है। 119 वर्ग से.मी. क्षेत्र के संग्राहक को 203 मि.मी. (323.65 वर्ग सेमी क्षेत्र) के मानक कीप के विरुद्ध अंश-शोधन किया जाना है। इसलिए आपके वर्षा मापी के द्वारा मापी गयी वर्षा के माप को 2.72 के कारक से गुणा किया जाना चाहिए।
  • मान लीजिए कि आपके वर्षा मापी में वर्षा की मात्रा 9 मि.मी. मापी गई है तो मानक स्थिति में वास्तविक माप की गणना इस प्रकार की जाएगी -

मापक बेलन में वर्षा (मि.मी.) माप X 2.72

यह 9 X 2.72 = 24.5 मि.मी. होगा

वर्षा मापी में एकत्रित वर्षा जल के अभिलेख और वर्षा की गणना के लिए आप एक आंकड़ा तालिका बना सकते हैं। एक नमूना आंकड़ा तालिका और उदाहरण के लिए गणना यहां दी गई है -

परिणाम


दैनिक या मासिक या वार्षिक वर्षा के आंकड़े सरल सारणीबद्ध रूप में या आवश्यकतानुसार प्रस्तुत किये जा सकते हैं। गणितीय एवं सांख्यिकीय गणनाओं के माध्यम से वर्षा की विभिन्न व्याख्याएँ की जा सकती हैं।

सीखे गए मुख्य बिंदु


  • किसी क्षेत्र में होने वाली वर्षा की मात्रा को वर्षा मापी का उपयोग करके मापा जा सकता है।
  • एक वर्ष में एक बरसात के मौसम में वर्षा की मात्रा का अभिलेख यह पता लगाने में मदद करेगा कि मौसम के विभिन्न हिस्सों में कितनी वर्षा  हुई।
  • कई वर्षों में होने वाली वर्षा की मात्रा का अभिलेख विभिन्न वर्षों में होने वाली वर्षा के प्रारूप को समझने में मदद करेगा।
  • एक अवधि में वर्षा के आंकड़ों की तुलना से हमें विभिन्न मौसमों में वर्षा के प्रारूप में बदलाव के बारे में शिक्षित कर सकती है। 
  • किसी विशेष क्षेत्र में वर्षा का पारिस्थितिकी पर प्रभाव को समझने के लिए वर्षा के सन्दर्भ में अन्य पारिस्थितिक कारकों के परिवर्तन को भी सहसंबद्ध करके देखा जा सकता है।

खुले प्रश्नन्लेषण


  • वर्षा जल संचयन क्या है? आप अपने घर पर वर्षा जल संचयन की क्षमता का पता कैसे लगाते हैं?
  • वर्षा जल को आसुत जल के समान माना जा सकता है, सही या गलत? अपने उत्तर के समर्थन में कारण दीजिये।
  • पहली वर्षा  में नहाने की सलाह क्यों नहीं दी जाती?
  • आमतौर पर हमें इंद्रधनुष बरसात के मौसम में दिखाई देता है। हम इसे साल भर क्यों नहीं देख पाते?

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