प्रयोग विवरण

उप विषय :- सूर्य ग्रहण

सूर्य ग्रहण को सुरक्षित रूप से कैसे देखें


इस गतिविधि के बारे में


सूर्य ग्रहण तब होता है जब चंद्रमा, सूर्य और पृथ्वी के बीच से गुजरता है, जिससे पृथ्वी पर उसकी छाया पड़ती है जो आंशिक रूप से या पूरी तरह से कुछ क्षेत्रों में सूर्य के प्रकाश को अवरुद्ध कर देती है। सूर्य और पृथ्वी के बीच चंद्रमा की स्थिति के अनुसार सूर्य ग्रहणों को पूर्ण, वलयाकार, आंशिक और संकर प्रकारों में वर्गीकृत किया जाता है। 

सूर्य ग्रहण के दौरान इसे सीधे देखना सुरक्षित नहीं है क्योंकि सूर्य की सीधी किरणें आंखों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती हैं। यहां तक कि कैमरा लेंस, दूरदर्शक, दूरबीन या किसी भी चाक्षुष  उपकरण का उपयोग करके सूर्य ग्रहण देखना सुरक्षित नहीं है, क्योंकि संकेंद्रित सूर्य किरणें आंखों को गंभीर चोट पहुंचा सकती हैं। इसलिए सूर्य ग्रहण को अप्रत्यक्ष दर्शन विधियों से देखने की सलाह दी जाती है। 

यहां हम आपको सीधे देखे बिना सरल उपकरणों का उपयोग करके सुरक्षित रूप से सूर्य ग्रहण देखने में मदद कर रहे हैं। यहां दो सरल तकनीकों, ‘सूचीछिद्र प्रक्षेपण’ और ‘दर्पण प्रक्षेपण’ का वर्णन किया गया है, जिन्हें बनाना आसान है और सूर्य ग्रहण देखने में उपयोग करना भी आसान है।

सूचीछिद्र प्रक्षेपण: इस तकनीक में सूर्य के प्रकाश को एक छोटे से छेद (उंगलियों को आपस में फंसाकर या एक कागज या गत्ते में छेद बनाकर) के माध्यम से पारित किया जाता है और पास की सतह पर प्रक्षेपित किया जाता है। सूचीछिद्र प्रक्षेपक बनाने के विभिन्न तरीके हैं, इसे सादे गत्ते या कागज या एक डब्बे का उपयोग करके बनाया जा सकता है। 

चित्र: अँगुलियों को एक दूसरे के ऊपर रखकर सूचीछिद्र प्रक्षेपक बनाना (Source – Times of India)

 

चित्र: गत्तों से बना साधारण सूचीछिद्र प्रक्षेपक (Source – Times of India)

चिà¤

दर्पण प्रक्षेपण: दर्पण प्रक्षेपण में एक समतल दर्पण काले कागज से ढंका होता है जिसके केंद्र में एक छोटा सा छेद होता है। दर्पण पर पड़ने वाली सूर्य की रोशनी केवल केंद्रीय छिद्र से परावर्तित होती है जिसे  किसी सतह पर केंद्रित करके सौर छवि को देखा जाता है।

 

चित्र: डब्बे से बना सूचीछिद्र प्रक्षेपक (Source - Toronto Star Graphics) 

आवश्यक सामग्री


● सूचीछिद्र प्रक्षेपक, 

● दर्पण प्रक्षेपक, 

● काला कागज।

सूचीछिद्र प्रक्षेपक बनाना -

● एक गत्ता या मोटा कागज लें और उसके केंद्र में 1-2 मि.मी. व्यास का एक छोटा छेद (सूचीछिद्र) करें। वैकल्पिक रूप से आप एक गत्ते का डिब्बा ले सकते हैं और उसके एक तरफ 1-2 मि.मी. व्यास का एक छोटा छेद करें।  

● जब सूचीछिद्र वाला भाग सूर्य की ओर उन्मुख होता है, तो सूर्य का प्रकाश इसके माध्यम से प्रवेश करता है और डब्बे में विपरीत छोर की आंतरिक दीवार पर सूर्य की उलटी छवि बनती है, जबकि केवल गत्ता या मोटा कागज लेने पर इसके माध्यम से प्रक्षेपित छवि जमीन पर या दीवार पर बनाई जा सकती है।

दर्पण प्रक्षेपक बनाना -

एक सादा दर्पण लें और इसे काले कागज से ढंक दें जिसके केंद्र में 1-2 से.मी. व्यास का छेद होता है। दर्पण पर पड़ने वाली सूर्य की रोशनी केवल काले कागज में बने छिद्र से परावर्तित होती है और इसका प्रतिबिंब सूर्य की रोशनी के गिरने के कोण के आधार पर दीवार या जमीन की सतह पर बनाया जा सकता है।

तरीका


विधि-1 (सूचीछिद्र प्रक्षेपक):

  1. डब्बे से बने सूचीछिद्र प्रक्षेपक की स्थिति में, इसे इस तरह से रखें कि इसका सूचीछिद्र वाला भाग सूर्य की ओर हो और विपरीत छोर जमीन पर रखे काले कागज की ओर हो, 
  2. गत्ते या कागज से बने प्रक्षेपक की स्थिति में, जमीन पर एक काला कागज रखें और सूचीछिद्र प्रक्षेपक को इस तरह संरेखित करें कि वह काले कागज की ओर इंगित करे (इस तरह आप सूर्य की परावर्तित छवि को अधिक स्पष्ट रूप से देख पाएंगे), 
  3. ध्यान से देखें कि सूर्य का प्रक्षेपित प्रतिबिम्ब काले कागज पर बनता है,
  4. आप ग्रहण शुरू होने से पहले उपकरण को एक जगह जमा सकते हैं और ग्रहण के अंत तक समय और सूर्य की प्रक्षेपित छवि में बदलाव को दर्ज कर सकते हैं।

विधि-2 (दर्पण प्रक्षेपक):

  1. दर्पण प्रक्षेपक लें और इसे सूर्य की ओर इस प्रकार उन्मुख करें कि इसके केंद्र छिद्र पर पड़ने वाली सूर्य की किरणें एक अंधेरी सतह पर प्रतिबिंबित हों। 
  2. अंधेरी सतह पर प्रक्षेपित छवि का ध्यानपूर्वक निरीक्षण करें और ग्रहण अवधि के दौरान प्रक्षेपित छवि में परिवर्तन को समय के पैमाने के साथ दर्ज करें। 
  3. उपरोक्त दोनों विधियाँ किसी व्यक्ति या समूह द्वारा अपनाई जा सकती हैं। वास्तव में, चल रहे सूर्य ग्रहण के सार्वजनिक प्रदर्शन के लिए दोनों विधियों का उपयोग किया जा सकता है।

 

डेटा संग्रह और विश्लेषण


● आप नियमित समय अंतराल पर एक पेंसिल या कलम के साथ कागज पर ग्रहण की प्रगति को चिह्नित कर सकते हैं (यानी समय पैमाने पर ग्रहण चरण), अन्यथा आप समय पैमाने से चिह्नित कागज का उपयोग भी कर सकते हैं।

● अभिलेखन और आगे सन्दर्भ के लिए समय के पैमाने के साथ ग्रहण के विभिन्न चरणों का रेखाचित्र सफेद कागज पर बनाया जा सकता है।

● ग्रहण के चरणों को सारणीबद्ध रूप में दर्ज किया जा सकता है। उदाहरणार्थ एक नमूना तालिका यहाँ दर्शाई जा रही है, आप अपनी आवश्यकतानुसार आंकड़ा तालिका बना सकते हैं।

 

 

● आप ग्रहण प्रारम्भ होने के समय में से ग्रहण समाप्त होने के समय को घटाकर ग्रहण अवधि की गणना कर सकते हैं और ग्रहण अवधि को मिनट या घंटा में दर्ज कर सकते हैं।

● इसी प्रकार आप ग्रहण के विभिन्न चरणों के बीच समय अंतराल की गणना कर सकते हैं।

परिणाम


● आप ग्रहण की समयावधि और विभिन्न चरणों की अवधि से संबंधित अपना अवलोकन प्रस्तुत कर सकते हैं और तदनुसार निष्कर्ष निकाल सकते हैं। 

● आप वह सर्वोत्तम दूरी भी निर्धारित कर सकते हैं जहां सूचीछिद्र प्रक्षेपक और दर्पण प्रक्षेपक से प्रतिबिंबित सूर्य की रोशनी जमीन या सतह पर स्पष्ट छवियां बनाती है।

सीखे गए मुख्य बिंदु


● आप सूर्य ग्रहण को सीधे न देखकर वैकल्पिक माध्यमों से देख सकने में सक्षम हो सकेंगे।

● आप इस गतिविधि में समझाए गए उपकरणों को स्वयं बनाकर सूर्य ग्रहण देख सके हैं। 

● खगोलीय घटना को देखने और समझने के लिए आम जनता को भी सूर्य ग्रहण का सजीव प्रदर्शन किया जा सकता है

● शिक्षार्थी ग्रहण को देख और दर्ज कर सकेंगे, ऐसा करने से वे ग्रहण के चरणों, उसकी समय अवधि और ग्रहण के चरणों के बारे में विभिन्न निष्कर्ष प्राप्त करने में सक्षम होंगे।

खुले प्रश्नन्लेषण


● क्या सूर्य ग्रहण से हमारा जैविक चक्र और व्यवहार प्रभावित होता है? आप ग्रहण चरण के दौरान अन्य जीवों (कुछ पौधों सहित) के व्यवहार को देखने का प्रयास कर सकते हैं।  

● क्या धातु की वस्तुओं से या अन्य वैकल्पिक सामग्रियों से सूचीछिद्र प्रक्षेपक और दर्पण प्रक्षेपक बनाना संभव है? 

● सूर्य ग्रहण के दौरान भोजन न करने या बाहरी गतिविधियाँ न करने को क्यों कहा जाता है?

रोचक तथ्य


  • सूर्य ग्रहण को सीधे देखना हानिकारक है?: 

सूर्य ग्रहण देखने को लेकर तरह-तरह की चिंताएं हैं। सूर्य की उच्च ऊर्जा विकिरणों के कारण, सूर्य को सीधे नग्न आंखों से या दूरदर्शक या सादे कांच के माध्यम से देखने से आंख के दृष्टिपटल को स्थायी नुकसान हो सकता है या अंधापन भी हो सकता है। सूर्य ग्रहण के दौरान सौर विकिरणों की तीव्रता बढ़ जाती है और इसे किसी भी माध्यम से सीधे देखने से गंभीर चोट या/और अंधापन हो सकता है।

  • सूर्य ग्रहण के दौरान हीरे की अंगूठी! 

‘हीरे की अंगूठी’ (‘डायमंड रिंग’ या 'बेलीज़ बीड इफ़ेक्ट') पूर्ण ग्रहण के दौरान दो बार होता है, यानि सूर्य के पूर्ण ढंकने से ठीक पहले और जब पूर्ण ढंकना समाप्त होता है। ‘हीरे की अंगूठी’ के चरण के दौरान सूर्य के प्रकाश के अंतिम अंश चंद्रमा की भुजाओं से बनी उपत्यकाओं से होकर गुजरते हैं, और सूर्य के चारों ओर धुंधला प्रकाशवान वृत्त दिखाई देने लगता है। प्रकाशवान वृत्त एक चमकदार हीरे युक्त अंगूठी की तरह दिखता है। 

कीवर्ड