पेड़ की ऊंचाई पेड़ के आधार और पेड़ की सबसे ऊंची शाखा के सिरे के बीच की ऊर्ध्वाधर दूरी है। पेड़ के आयतन के माप में ऊंचाई का माप भी एक महत्वपूर्ण घटक है। पेड़ की ऊँचाई मापने की विभिन्न विधियाँ हैं, जिनमें गैर-उपकरणीय विधियां (जैसे, नेत्र आंकलन विधि, छाया विधि, एकल डंडा विधि आदि) और, उपकरणीय विधियां (जैसे, मापन पैमाना और स्पर्शज्या के उपयोग से द्वि-बिंदु मापन और त्रि-बिंदु मापन विधि, ऊँचाईमापी, जलक्वथनांकमापी/हिप्सोमीटर, रिलास्कोप, प्रवणतामापी/क्लाइनोमीटर आदि) काम में ली जाती हैं। माप की सटीकता उपयोग मे लाई गई विधि और उपकरण पर निर्भर करती है।
प्रवणतामापी (क्लाइनोमीटर) एक सुविधाजनक उपकरण है जिसका उपयोग उन्नत कोण अथवा समकोण त्रिभुज में जमीन से कोण को मापने के लिए किया जाता है। क्लाइनोमीटर को बहुत ही आसानी से बनाया तथा उपयोग में लाया जा सकता है। क्लाइनोमीटर इमारतों, खंभों और पेड़ों जैसी ऊंची वस्तुओं की ऊंचाई मापने में उपयोगी है। क्लाइनोमीटर की मदद से मापे गए उन्नत कोण, आपकी आँख की ऊंचाई तथा आपके और वस्तु के बीच की दूरी से आप वस्तु की ऊंचाई की गणना एक सरल समीकरण का उपयोग करके कर सकते है। गणना समकोण त्रिभुज के गुणों पर आधारित सिद्धांतों के आधार पर की जाती है।
किसी क्षेत्र में पेड़ों की विभिन्न ऊंचाईयां वनस्पति के विभिन्न स्तरों को दर्शाती है। क्लाइनोमीटर और सरल गणना पद्धति का उपयोग करके हम पेड़ों की ऊंचाई का नियत काल में अनुमान लगाकर उनकी वृद्धि में परिवर्तन की निगरानी कर सकते हैं, और उसके माध्यम से हम विभिन्न पेड़ों की तुलनात्मक वृद्धि दर भी निर्धारित कर सकते हैं।