प्रयोग विवरण

विषय :- मिट्टी

'पीएच पेपर परीक्षण' द्वारा मिट्टी के पीएच का निर्धारण


इस गतिविधि के बारे में


मृदा पीएच मिट्टी की अम्लीय या क्षारीय प्रकृति का माप है। मृदा पीएच एक महत्वपूर्ण मापदंड है जो मिट्टी में पोषक तत्वों की गतिशीलता और जैविक प्रक्रियाओं को प्रभावित करता है। 7 से कम पीएच वाली मिट्टी को अम्लीय और 7 से अधिक होने पर क्षारीय कहा जाता है। मिट्टी का पीएच 6.0 से 7.5 तक अनुकूलतम माना जाता है।

मिट्टी का पीएच आमतौर पर मिट्टी के पानी के निलंबन में मापा जाता है। मिट्टी की अम्लीय या क्षारीय प्रकृति का परीक्षण लिटमस पेपर (जो एक फिल्टर पेपर है, जिसे लाइकेन से प्राप्त प्राकृतिक घुलनशील डाई से उपचारित किया जाता है) की मदद से खेत में आसानी से किया जा सकता है, जबकि अम्लीयता या क्षारीयता की परास या मान का पता लगाने के लिए मानक पीएच कागज  पट्टी (जो संकेतकों के मिश्रण से उपचारित कागज है) का उपयोग किया जाता है।

पीएच की मूल अवधारणा

 उदासीन घोल का पीएच

 यदि किसी घोल का पीएच 7 है, तो यह एक तटस्थ घोल होगा। ऐसा घोल लिटमस या किसी अन्य तरल संकेतक के साथ प्रतिक्रिया नहीं करेगा।

अम्लीय घोल का पीएच

सभी अम्लीय घोल का पीएच 7 से कम होता है। इसलिए, जब भी किसी घोल का पीएच 7 से कम होगा तो यह प्रकृति में अम्लीय होगा और यह नीले लिटमस को लाल एवं तरल संकेतक  मिथाइल ऑरेंज को गुलाबी तथा फिनोफ्थेलिन को रंगहीन कर देगा।

क्षारीय घोल का पीएच

सभी क्षारीय घोल का पीएच 7 से अधिक होता है। इसलिए, जब भी किसी घोल का पीएच 7 से अधिक होगा तो यह प्रकृति में क्षारीय होगा और लाल लिटमस को नीला, मिथाइल ऑरेंज को पीला और फिनोफ्थेलिन को गुलाबी कर देगा।

 

आवश्यक सामग्री


● पीएच कागज पट्टी,

● अंशांकित कांच का बीकर (वैकल्पिक रूप से आप कम से कम 100 मिलीलीटर आयतन वाला कांच या धातु का कोई भी साफ छोटा बर्तन ले सकते हैं)।

 

तरीका


  1. बीकर में लगभग 10 ग्राम मिट्टी का नमूना लें और इसमें 50 मिलीलीटर आसुत जल मिलाएं,
  2. घोल को दो मिनट तक अच्छे से हिलाएं,
  3. बीकर को समतल सतह पर कम से कम 15 मिनट के लिए रखें ताकि उसकी मिट्टी नीचे बैठ जाए।
  4. मिट्टी जमने के बाद अधिप्लावी (मिट्टी के पानी का निलंबन) द्रव को दूसरे बीकर में इस तरह से निकालें कि जमी हुई मिट्टी हिले नहीं और पहले बीकर में ही रहे।
  5. पृथक किये गए अधिप्लावी में से कुछ मात्रा में लें और पीएच कागज की एक पट्टी को इसमें डुबोएं और तुरंत बाहर निकालें, और रंग में किसी भी बदलाव के लिए इसे कुछ क्षणों के लिए सूखने दें।
  6. पीएच कागज के रंग में परिवर्तन को देखें और इसे पीएच कागज पट्टिका पुस्तिका पर मुद्रित रंग के पैमाने के साथ मिलाएं।
  7. नमूना ली गई मिट्टी का पीएच, पीएच पुस्तिका पर मुद्रित उस पीएच मान के अनुरूप होगा जिसके साथ परीक्षण की गई पीएच पट्टी का रंग मेल खाता है।

 

            

         

 

डेटा संग्रह और विश्लेषण


संबंधित मिट्टी के नमूने की प्रकृति निर्धारित करने के लिए पीएच की संदर्भ सीमा का उपयोग निम्नानुसार करें - 

● पीएच 7 - उदासीन,

● पीएच 7 से कम - अम्लीय,

● पीएच 7 से अधिक - क्षारीय

आंकड़ा पत्रक में  प्रत्येक नमूने के ज्ञात किये गए पीएच मान और नमूने की अनुमानित प्रकृति को रिकॉर्ड करें।

आंकड़ा तालिका का एक नमूना यहां दिया गया है, आप अपनी तालिका अतिरिक्त जानकारी के अनुसार तैयार कर सकते हैं जिसे आप पीएच मान के साथ रिकॉर्ड करना चाहते हैं।

 

परिणाम


● विभिन्न नमूनों के ज्ञात किये गए पीएच मान एवं अन्य संकलित अतिरिक्त आंकड़ों / जानकारी की व्याख्याओं आधार पर अपने परिणाम प्राप्त करें।

● नमूना स्थल के आसपास के परिदृश्य के छायाचित्र आगे संदर्भ के लिए उपयोगी होंगे।

 

सीखे गए मुख्य बिंदु


● मिट्टी के पीएच की अवधारणा और संबंधित अम्लीय या क्षारीय प्रकृति।

● अम्लीय, क्षारीय और तटस्थ प्रकृति के आधार पर मिट्टी का वर्गीकरण।

● मिट्टी की तटस्थ, अम्लीय या क्षारीय प्रकृति मिट्टी के विभिन्न स्रोतों जैसे जलोढ़ मिट्टी, खेत की मिट्टी, सड़क के किनारे की मिट्टी और तालाब के तल की मिट्टी, जंगल की मिट्टी आदि में भिन्न भिन्न होती है।

 

खुले प्रश्नन्लेषण


● मृदा घोल बनाने में आसुत जल का उपयोग क्यों किया जाता है? किसी भी स्रोत से लिए गए पानी का उपयोग क्यों नहीं किया जाता?

● मिट्टीयों के विभिन्न पीएच मान का क्या कारण है?

● मिट्टी के पीएच में भिन्नता का फसल प्रारूप पर क्या प्रभाव पड़ेगा?

● क्या आप मिट्टी का पीएच बनाए रख सकते हैं या उसमें बदलाव कर सकते हैं? यदि हाँ, तो करके देखें और प्रस्तुत करें। परिवर्तित पीएच को कितने समय तक बनाए रखा जा सकता है?