मिट्टी की सघनता मिट्टी द्वारा दबाव और टूटने के प्रति प्रतिरोध की अभिव्यक्ति है, साथ ही ये इसकी चिपचिपाहट और ढलनशीलता (लचीलेपन) को भी व्यक्त करती है। विभिन्न प्रकार की मिट्टियों में वह ताकत होती है जिससे मिट्टी के कण एक दूसरे के साथ बंधे रहते हैं या विरूपण के प्रति प्रतिरोधी होते हैं। साधारण तरीके से हम मिट्टी की सघनता को दबाने से जांच सकते हैं कि वह टूटेगी या विकृत होगी। मिट्टी की सघनता का अनुभव ढीली, भुरभुरी, दृढ़, कठोर आदि के रूप में दर्ज किया जा सकता है जो लगाए गए दबाव के सापेक्ष प्रतिरोध को दर्शाता है।
इस गतिविधि को करने से व्यक्ति विभिन्न भू-दृश्यों में पाई जाने वाली मिट्टीयों की ताकत के बीच और साथ ही साथ विभिन्न मृदा संस्तरों में पाई जाने वाली मिट्टी की ताकत के बीच विभेद को समझा जा सकता है। इससे किसी भी उद्देश्य के लिए उपयोग करने से पहले मिट्टी को उचित रूप से तैयार करने के निर्णय लेने में भी मदद मिलती है।
(यदि आप ऊपरी सतह से मिट्टी एकत्र कर रहे हैं तो आप मिट्टी नहीं खोद रहे हैं, लेकिन यदि आप विभिन्न संस्तरों से मिट्टी एकत्र कर रहे हैं तो आपको मिट्टी की रूपरेखा देखने के लिए जमीन खोदनी होगी। यदि अंदर की मिट्टी बहुत सूखी है तो पानी की बोतल का उपयोग करके दिखाई दे रहे मृदा प्रारूप पर पानी का हल्का छिडकाव करके सतह को गीला कर लें और फिर दृढ़ता निर्धारित करने के लिए इसमें से एक ‘पेड’ निकाल लें)
आंकड़ा पत्रक में मिट्टी की दृढ़ता की निम्नलिखित श्रेणियों में से एक को रिकॉर्ड करें -
ढीली मिट्टी
यदि एकल ‘पेड’ को निकालने में परेशानी होती है और ढांचा बाहर निकालने से पहले ही टूट जाता है। एकल कणीय संरचना वाली मिट्टी (जिसमें अलग-अलग कण आपस में चिपकते नहीं हैं) की सघनता हमेशा ढीली होती है। उदाहरण के लिए, रेतीली मिट्टी हमेशा ढीली मिट्टी होती है।
भुरभुरी मिट्टी
‘पेड’ थोड़े से दबाव से टूट जाता है।
दृढ़ मिट्टी
जब आप भारी दबाव डालते हैं तो ‘पेड’ टूट जाता है, जिससे आपकी उंगलियों पर भी निशान पड़ जाते हैं।
अत्यंत दृढ़
पेड को आपकी उंगलियों से कुचला नहीं जा सकता (आपको हथौड़े की आवश्यकता है)।
अपने क्षेत्र के प्रत्येक संस्तर /प्रोफ़ाइल के लिए इस प्रक्रिया को दोहराएं।
विभिन्न मृदा प्रारूपों (संस्तरों) की मिट्टी की सघनता के प्रकार को रिकॉर्ड करें। यहां एक नमूना तालिका दी गई है, आप आवश्यकता के अनुसार अपने अवलोकनों को अंकित करने के लिए अपनी स्वयं का आंकड़ा पत्रक / तालिका बना सकते हैं

● अपने परिणामों को संख्यात्मक आंकड़ों के रूप में और/या गुणात्मक विवरण के रूप में प्रस्तुत करें। गणितीय और/या सांख्यिकीय गणनाओं के माध्यम से विभिन्न व्याख्याएँ की जा सकती हैं।
● नमूना स्थल के आसपास के परिदृश्य के छायाचित्र आगे संदर्भ में उपयोगी होंगे।
● मिट्टी के प्रकार, उनके संस्तर और सघनता का अवलोकन एवं इनका अंतर्संबंध।
● एक निश्चित मानदंड के आधार पर मिट्टी के प्रकारों का वर्गीकरण। उदाहरण के लिए, अपने क्षेत्र की मिट्टी की सघनता का आकलन।
● यह समझना कि किसी उदेश्य के लिए उपयोग करने से पहले मिट्टी की तैयारी क्यों महत्वपूर्ण है
● अपने स्थानीय अनाज या पौधों की किस्मों के बीज लें और उन्हें विभिन्न प्रकार की सघनता वाली मिट्टी में उगाने का प्रयास करें।
● अलग-अलग सघनता वाली मिट्टी को मिलाकर मिट्टी तैयार करने का प्रयास करें और बीज के अंकुरण और मिट्टी की विशेषताओं के अन्य परीक्षण करें।