हम जानते हैं कि हमारे सौर मंडल में ग्रह सूर्य के चारों ओर व्यवस्थित हैं और अपने रेखीय पथ से विचलित हुए बिना वे सूर्य (जो केंद्र में है) के चारों ओर घूमते हैं। उसी प्रकार स्वयं को केंद्र में रखी पृथ्वी के रूप में रखकर, हम अपने स्थान के संदर्भ में, हमारे ऊपर आकाश में दिखाई देने वाले ग्रहों की सापेक्षिक गति को आसानी से समझ सकते हैं। विभिन्न ऑनलाइन वेबसाइटें और मोबाइल ऐप अनुप्रयोग उपलब्ध हैं जिनका उपयोग करके हम किसी विशेष दिन, खुद को एक स्थिर स्थान पर रखते हुए, अपने ऊपर ग्रहों की स्थिति को समझ सकते हैं।
यहां हम ‘आकाश छतरी’ नाम के एक उपयोगी साधन की व्याख्या कर रहे हैं, जिसका उपयोग करके हम सूर्य के स्थान (सूर्य को केंद्र में रखकर) और/या अपने स्वयं के स्थान (स्वयं को केंद्र में रखकर) के संदर्भ में ग्रहों की सापेक्षिक स्थिति को समझ सकते हैं। जैसे कि पृथ्वी को केंद्र में रखा गया है)।
इस गतिविधि में किसी विशेष दिन पर ग्रहों की स्थिति देखने के लिए ऑनलाइन वेबसाइट और मोबाइल ऐप अनुप्रयोग का उपयोग करना और ‘चुंबकीय ग्रह पत्रकों’ का उपयोग करके 'आकाश छतरी' में ग्रहों की स्थिति की नकल बनाना दर्शाया गया है। इससे ग्रहों की स्थिति, दिशा और उनमें समय समय पर होने वाले बदलाव को समझने में मदद मिलेगी।
● छाता,
● छोटे चुम्बक,
● लोहे की गोटियाँ,
● गृह पत्रक (सूर्य और ग्रहों की तस्वीर वाले पत्रक),
● एक खोखली गेंद।
ग्रह पत्रकों के पीछे लोहे की गोटियाँ चिपका दें।
1. विभिन्न वेबसाइटें और मोबाइल ऐप हैं जो खगोलीय पिंडों की अद्यतन स्थिति जारी करते हैं। हम किसी विशेष दिन पर अपने ग्रहों की स्थिति देखने के लिए उन वेबसाइटों तथा/अथवा मोबाइल ऐप का प्रयोग कर सकते हैं।
2. हमारे ग्रहों की आज की स्थिति देखने के लिए वेबसाइट खोलें।
3. छाता लें और उसके बाहरी नुकीले सिरे पर एक खोखली गेंद (उसमें छेद करके) को केंद्र में सूर्य मानकर लगा दें।
4. अब सूर्य से ग्रहों के बाहरी क्रम, उनकी दिशा और सापेक्ष स्थिति (जैसा कि आज ऑनलाइन वेबसाइट या मोबाइल ऐप में देखा गया है) के सन्दर्भ में ‘आकाश छतरी’ पर ग्रह पत्रकों को व्यवस्थित करें।
(टिप्पणी - सूर्य और ग्रहों का आकार और संबंधित दूरियां पैमाने के अनुसार नहीं हैं)
5. ग्रह पत्रकों को छतरी के बाहरी तरफ रखें और अंदर की तरफ चुंबक रखें ताकि वह अपने चुंबकीय बल के माध्यम से ग्रह पत्रक की लोहे की गोटी को एक निश्चित स्थिति में स्थिर कर दे। इस तरह आप सूर्य से उनकी सापेक्ष स्थिति और दिशा के अनुसार ग्रह पत्रकों को छतरी पर लगा सकते हैं।
6. अब स्वयं को (पृथ्वी पर) केंद्र मानकर आकाश छतरी पर सूर्य एवं ग्रहों की स्थिति व्यवस्थित करें।
7. अब दैनिक अभिलेख रखने के लिए आकाश छतरी के सन्दर्भ से एक कागज पर ग्रहों की सापेक्षिक स्थितियों का चित्र बनाएं।
8. अभ्यास को लगातार दोहराने से आपके पास अभिलेख में दैनिक अवलोकनों और रेखाचित्रों का संग्रह होगा।
● प्रत्येक ग्रह के लिए सूर्य और एक दूसरे से गति की दिशा और सापेक्ष स्थिति का निरीक्षण करें और दर्ज करें।
● ऑनलाइन वेबसाइट/मोबाइल ऐप की सहायता से एक निश्चित अवधि में प्रत्येक ग्रह द्वारा तय की गई रैखिक (कक्षीय) दूरी ज्ञात करें।
● ऑनलाइन वेबसाइट/मोबाइल ऐप की मदद से सूर्य के चारों ओर और एक-दूसरे से ग्रहों की वास्तविक दूरी ज्ञात करें और अपने द्वारा तैयार किए गए आकाश छतरी आरेख में उसका उल्लेख करें।
● सुविधानुसार उचित तरीके से एकत्र जानकारी संकलित करें (उदाहरण के लिए दर्शाई गई तालिका देखें)।
तालिका - सूर्य के चारों ओर ग्रहों द्वारा तय किए गए पथ की दूरी में दैनिक परिवर्तन

आप सूर्य के सापेक्ष और अपनी स्थिति के सापेक्ष (पृथ्वी को केंद्र में रखकर) ग्रहों की बदलती स्थिति से संबंधित अपने अवलोकन प्रस्तुत कर सकते हैं।
● यह गतिविधि हमारे सौर मंडल और इसमें ग्रहों की स्थिति के बारे में जागरूकता पैदा करने में मदद करती है।
● यह अभ्यास, अवलोकनों के आधार पर आनुपातिक दूरी, दिशा, माप और गणना सीखने में मदद करता है।
● बच्चे स्थानीय सामग्री और आकृतियों/आरेखों के चित्रण के वैकल्पिक तरीकों का उपयोग करके आकाश छतरी की नकल कर सकते हैं
● हमारे सौर मंडल में ग्रह सूर्य के चारों ओर एक रैखिक पथ (विक्षेपित हुए बिना) कैसे बनाए रखते हैं? वे सूर्य के साथ-साथ एक-दूसरे से अपनी स्थिति और दूरियों को अनियमित रूप से क्यों नहीं हटाते और बदलते हैं?
● आकाश छतरी की सहायता से क्या आप विभिन्न तारामंडलों की वैसी ही व्यवस्था कर सकते हैं जैसे वे आकाश में दिखाई देते हैं?
● ग्रहों की प्रकृति एवं प्रभाव से संबंधित अनेक पौराणिक तथ्य हैं। उदाहरण के लिए, शनि की दुर्दशा, मंगल की दुर्दशा, आदि। क्या इन सबका कोई वैज्ञानिक आधार है?
● क्या ग्रहों की खगोलीय स्थिति किसी व्यक्ति के जीवन चक्र या शारीरिक या मानसिक स्थिति को प्रभावित करती है?