दà¥à¤® का पंख मछली का दà¥à¤® का पंख होता है जो शरीर के पीछे के संकीरà¥à¤£ सिरे (दà¥à¤® का पेडà¥à¤‚कà¥à¤²) पर सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ होता है। "दà¥à¤®" शबà¥à¤¦ लैटिन शबà¥à¤¦ "कौडा" से आया है जिसका अरà¥à¤¥ है पूंछ। सà¤à¥€ पंखों में से केवल दà¥à¤® का पंख मछली के शरीर के कशेरà¥à¤• सà¥à¤¤à¤‚ठसे जà¥à¤¡à¤¼à¤¾ होता है। दà¥à¤® का पंख पà¥à¤°à¤£à¥‹à¤¦à¤¨ के साथ-साथ आगे की गति के दौरान साइड-साइड थà¥à¤°à¤¸à¥à¤Ÿ के लिठउपयोग किया जाता है।
मछलियों में दà¥à¤® के पंख के पà¥à¤°à¤•ार -
उनके आकार के आधार पर दà¥à¤® के पंखों को विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ पà¥à¤°à¤•ारों में वरà¥à¤—ीकृत किया जाता है, जैसे कि नà¥à¤•ीला, गोल, कटा हà¥à¤† (वरà¥à¤—ाकार), नà¥à¤•ीला, कांटादार, चंदà¥à¤°à¤¾à¤•ार और विषमकोणीय आदि। दà¥à¤® के पंख का आकार पà¥à¤°à¤£à¥‹à¤¦à¤¨ की शकà¥à¤¤à¤¿ के अनà¥à¤°à¥‚प होता है; यह तैरते समय दिशा बदलने में मदद करने के लिठपतवार की तरह à¤à¥€ काम करता है।
पारिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤•ी अनà¥à¤•ूलन के संकेतक के रूप में दà¥à¤® का पंख:
मछली का आकार और शारीरिक रचना हमें यह जानने में मदद करती है कि मछली कैसे चलती है, कहाठऔर कैसे रहती है, और यह अपने परà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤°à¤£ के साथ कैसे अनà¥à¤•ूलित हà¥à¤ˆ है। मछली के दà¥à¤® के पंख का आकार यह à¤à¥€ बताता है कि मछली कैसे चलती है और कैसे रहती है। कैटफ़िश और शारà¥à¤• की तरह नà¥à¤•ीले दà¥à¤® के पंख जोर लगाने और परिवरà¥à¤¤à¤¨à¤¶à¥€à¤² गति और तà¥à¤µà¤°à¤£ बनाने में पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ होते हैं। वे शिकार को अचेत करने के लिठनà¥à¤•ीले दà¥à¤® के पंख का à¤à¥€ उपयोग करते हैं। किलिफ़िश, मिनो, सà¥à¤¨à¥‡à¤•हेड, टà¥à¤°à¤¾à¤‰à¤Ÿ, सैलà¥à¤®à¤¨ आदि की तरह गोल या कटा हà¥à¤† दà¥à¤® का पंख गतिशीलता और गति के छोटे विसà¥à¤«à¥‹à¤Ÿà¥‹à¤‚ के लिठअचà¥à¤›à¤¾ है। इस तरह का दà¥à¤® का पंख आमतौर पर तटीय तटबंधों, नदी के मà¥à¤¹à¤¾à¤¨à¥‡ और नदी पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में रहने वाली मछलियों में पाया जाता है। कैटला और सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤ªà¥à¤¡ बास की तरह कांटेदार दà¥à¤® का पंख लंबी दूरी पर गतिशीलता और गति के लिठअचà¥à¤›à¤¾ है। टà¥à¤¯à¥‚ना और सà¥à¤µà¥‹à¤°à¥à¤¡à¤«à¤¼à¤¿à¤¶ में पाठजाने वाले चंदà¥à¤°à¤®à¤¾à¤¸à¥€à¤¯ या अरà¥à¤§à¤šà¤‚दà¥à¤°à¤¾à¤•ार दà¥à¤® के पंख लंबी दूरी पर बहà¥à¤¤ तेज़ गति से उड़ने में मदद करते हैं और आमतौर पर खà¥à¤²à¥‡ सिसà¥à¤Ÿà¤® में रहने वाली मछलियों में पाठजाते हैं।