प्रयोग विवरण

विषय :- जल

डीपीडी संकेतक परीक्षण’ द्वारा पानी में अवशिष्ट क्लोरीन का निर्धारण


इस गतिविधि के बारे में


पेयजल आपूर्ति के समय रोगाणुओं और अन्य रोगजनकों को मारने के लिए क्लोरीन का उपयोग कीटाणुनाशक के रूप में किया जाता है। घरेलू उपयोग के लिए उस स्थान पर जहां उपभोक्ता पानी एकत्र करता है, अवशिष्ट क्लोरीन की मात्रा 0.2 से 0.5 मिलीग्राम प्रति लीटर के बीच होनी चाहिए। यह गतिविधि आम जनता और शिक्षार्थियों को पानी के नमूने में मौजूद अवशिष्ट क्लोरीन की सीमा का परीक्षण करने में मदद करने के लिए है। 

अवशिष्ट क्लोरीन के लिए सबसे तेज और सरल परीक्षण ‘डीपीडी संकेतक’ परीक्षण है। इस परीक्षण में जब डाईइथाइल पैराफिनाइलिन डाईएमिन (डीपीडी) संकेतक पानी में मौजूद क्लोरीन के साथ प्रतिक्रिया करता है, तो यह विशिष्ट नील-लोहित/बैंगनी-लाल रंग का वर्णक बनाता है और उस रंग का हल्का या गहरा होना पानी में मौजूद क्लोरीन की मात्रा के समानुपाती होता है। एक मानक रंग तुलनित्र चार्ट और क्लोरीन की दी गई संदर्भ सीमा की सहायता से हम संबंधित पानी के नमूने में रंग परिवर्तन की तुलना कर सकते हैं और उसमें मौजूद क्लोरीन की सांद्रता जान सकते हैं।

आवश्यक सामग्री


● परखनली या छोटा मापने वाला कांच का बर्तन, 

● ड्रॉपर,  

● डाईइथाइल पैराफिनाइलिन डाईएमिन (डीपीडी) संकेतक, 

● मानक अवशिष्ट क्लोरीन रंग तुलनित्र चार्ट। 

तरीका


1. एक परखनली में 10 मिलीलीटर पानी का नमूना लें, और इसमें डीपीडी परीक्षण अभिकर्मक की 1-5 बूंदें डालें (याद रखें कि प्रत्येक पानी के नमूने के लिए समान मात्रा में पानी और समान मात्रा में डीपीडी संकेतक का उपयोग करना होगा) ।  

2. पानी के रंग में कोई भी परिवर्तन होने के लिए लगभग 30 सेकंड तक प्रतीक्षा करें

3. क्लोरीन की सांद्रता जानने के लिए परखनली में उत्पन्न रंग को अवशिष्ट क्लोरीन रंग तुलनित्र चार्ट के मानक रंगों से मिलान करें। रंग जितना गहरा होगा, पानी में अवशिष्ट क्लोरीन की सांद्रता उतनी ही अधिक होगी। 

 

डेटा संग्रह और विश्लेषण


● नमूने के स्त्रोत के विवरण की जानकारी रिकॉर्ड करें और उसे एक संकेतक निर्दिष्ट करें। 

● प्रत्येक नमूने के लिए अवशिष्ट क्लोरीन की सांद्रता को अंकित करें।  

● आंकड़ों को एकत्र करने और रिकॉर्ड करने के लिए एक संदर्भ नमूना तालिका यहां दी गई है - 

परिणाम


  • पानी के प्रत्येक नमूने के लिए अवशिष्ट क्लोरीन की सांद्रता को मिलीग्राम प्रति लीटर (मि.ग्रा./लीटर) में रिकॉर्ड करें और औसत, न्यूनतम, अधिकतम सांद्रता जैसे अनुमान ज्ञात करें।
  • मूलभूत स्तर के अनुमान पर आप नमूने के स्त्रोत की स्थिति के सन्दर्भ में उन स्त्रोतों के पानी में दर्ज की गई अवशिष्ट क्लोरीन सांद्रता का एक नक्शा बना सकते है। इसके लिए आपको प्रत्येक नमूने के स्त्रोत की स्थिति की जानकारी भी रखनी होगी।  

सीखे गए मुख्य बिंदु


● क्लोरीन पानी को कीटाणुरहित/विसंक्रमित करने में मदद करता है। 

● अवशिष्ट क्लोरीन, क्लोरीन की वह मात्रा है, जो पानी के क्लोरीन उपचार के बाद एक निश्चित     अवधि तक पानी में बची रहती है। 

● स्वीकृत सीमा के अंदर अवशिष्ट क्लोरीन स्वास्थ्य के लिए अच्छी है।   

खुले प्रश्नन्लेषण


● यदि आप पानी के नमूने में इसके एकत्रीकरण स्थल पर अवशिष्ट क्लोरीन परीक्षण करते हैं और तत्पश्चात उस नमूने को प्रयोगशाला में लाने के बाद विभिन्न समयांतर पर अवशिष्ट क्लोरीन परीक्षण करते हैं तो क्या परिणाम होगा? 

● पीने का कौन सा पानी स्वास्थ्य के लिए बेहतर होगा – एक जो क्लोरीन युक्त हो और दूसरा जो क्लोरीन युक्त ना हो,और क्यों?

● आपके क्षेत्र में कौन सी स्थानीय/पारंपरिक प्रथाएं हैं जिनके द्वारा पीने के पानी को उपभोग के लिए सुरक्षित बनाने के लिए उपचारित किया जाता है?